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बाल झड़ने के कारण

जैसे-जैसे लोग बड़े होते जाते हैं, उनके सिर में बालों की संख्या और उसकी मोटाई कम होने लगती है। कई मामलों में बालों के पतलेपन को आहार, पोषक तत्वों की कमी या जेनेटिक रुप से बालों के झड़ने से जोड़ा जाता है। ज्यादातर मामलों में बालों का पतला होना किसी बिमारी से ही नहीं जुडा होता है बल्कि और भी कई कारण होते हैं जिससे बाल पतले हो सकते है। बालों का झड़ना लोगों के मानसिक स्वास्थ्य और आत्म-सम्मान को भी नुकसान पहुंचा सकता है।

बाल झड़ने के कारण को रोकने और बालों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए, बालों की मोटाई और मजबूती को बढ़ाने के लिए लोग कई तरीके के उपचार आजमाते हैं।

बालों के झड़ने के कारण

जैसे-जैसे लोग की उम्र बढ़ती जाती हैं तो इस बढ़ते उम्र के साथ साथ बालों का झड़ना सामान्य सी बात होती है। कुछ हद तक बालों का झड़ना सामान्य हो एकता है। जैसे-जैसे लोग बड़े होते जाते हैं, उनके बाल की मजबूती अपने आप कम होने लगती है और वो झड़ जाते हैं। सर्जन बताते हैं कि कई व्यक्ति हर दिन 50-100 बाल खो देते हैं पर फिर उसी रोम से नए बाल उग आते हैं।

जैसे जैसे समय बीतता जाता है तब कुछ रोम बाल को उगाना बंद कर देते हैं, और बालों के शॉफ्ट महीन हो जाते हैं। बाल भी अपने रंग की चमक खोने लगते हैं और धीरे धीरे बाल झड़ने के कारण बढ़ते चले जाते है। अगर कोई व्यक्ति बालों के झड़ने या गंजेपन के पैच में बढ़ोतरी को नोटिस करता है, तो उन्हें बालों के झड़ने का भी अनुभव हो सकता है। एडीडी के अनुसार, लोग बालों के झड़ने के अधिकांश कारणों को रोक सकते हैं और उनका इलाज भी कर सकते हैं।

अचानक बाल झड़ने के कारण के कई हो सकते है पर उनमें से कुछ निम्न है –

पुरुष या महिला पैटर्न में बालों का झड़ना

बाल टूटने के कारण में सबसे प्रमुख है पुरुष पैटर्न गंजापन और महिला पैटर्न गंजापन और इसे ही एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया कहा जाता है। व्यक्ति का जीन और हार्मोन एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया का ही कारण बनते हैं। अगर आप जानना चाहते है कि बाल झड़ने का मुख्य कारण क्या है तो आपको बता दे कि एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया बालों के झड़ने का एक मुख्य कारण बनता जा रहा है। एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया बालों के झड़ने का कारण कैसे बनता जा रहा है इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि संयुक्त राज्य अमेरिका में लगभग 50 मिलियन पुरुषों और 30 मिलियन महिलाओं को प्रभावित करता है।

जेनेटिक्स होम रेफरेंस के अनुसार, जैसे जैसे उम्र बढ़ती जाती है उसी तरह एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया होने की सम्भावना बढ़ जाती है। वैसे यह किशोरों को भी प्रभावित कर सकता है पर 50 वर्ष और उससे अधिक आयु के पुरुषों में सिर के बाल गिरने के कारण में यही प्रमुख बनता जा रहा है। रजोनिवृत्ति के बाद महिलाओं के प्रभावित करने की संभावना सबसे अधिक हो जाती है। अक्सर, एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया जेनेटिक कारणों से परिवार में एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक जाता रहता है। पुरुषों में बालों का झड़ना हेयर लाइन से सिर के पीछे तक होता है और वहीं महिलाओं में यह सिर के ऊपरी हिस्से को प्रभावित करता है।

एलोपेशिया एरियाटा

हेयर फॉल के कारण में एलोपेशीया एरीटा भी मुख्य है। एक ऐसी स्थिति होती है जिसमें सिर पर गोल पैच के आकार में बाल झड़ने लगते हैं। यह भौहें, दाढ़ी और अन्य क्षेत्रों को भी प्रभावित कर सकता है जहां जहां बाल मौजूद होते हैं। एलोपेशीया एरीटा अधिक बाल झड़ने के कारण में प्रमुख बनता जा रहा है। यू.एस. में सामान्य व्यक्ति में एलोपेसिया एरीटा विकसित होने की 2.1% संभावना होती है। यह अक्सर बचपन के दौरान होता है। इसके प्रमुख कारणों में जीन और पर्यावरणीय कारक मुख्य हैं।

एलोपेसिया एरीटा में बालों के रोम जीवित होते हैं और बाल फिर से उग सकते हैं। डॉक्टर हर 4-6 सप्ताह में 6 महीने तक सिर में एक इंजेक्शन लगाने के साथ एलोपेसिया एरीटा का इलाज कर सकते हैं और उम्मीद है कि आपके प्रश्न कि बाल किस कारन झड़ते हैं जैसे सवालों के जवाब से संतुष्ठ हो रहे हो है

खानपान

बहुत ज्यादा बाल झड़ने के कारण में खानपान भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बालों की नई किस्में को बनाने और बालों के रोम को स्वस्थ बनाए रखने के लिए शरीर को पोषक तत्वों की बहुत अधिक आवश्यकता होती है। प्रोटीन बालों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए एक अनिवार्य घटक होता है। कई सूक्ष्म पोषक तत्व, जिसमें विटामिन और खनिज शामिल होते हैं बालों के रोम में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और हेयर झड़ने के कारण से निजात मिल सकती है।

कुपोषण और विटामिन की कमी बाल झड़ने का मुख्य कारण बन सकती है। एक स्वस्थ और विभिन्न तरह के आहार खाने से मजबूत, स्वस्थ बालों के विकास को बढ़ावा देने में मदद मिल सकती है। पौष्टिक आहार खाने से खराब हो रहे बालों के खराब होने से रोका जा सकता है और बाल झड़ने का कारण को भी कम किया जा सकता है। बालों के निम्नलिखित लक्षणों को भी रोका जा सकता है:

  • बालों के शाफ्ट का कमज़ोर होना
  • बालों में शुष्कता का होना
  • रूसी का होना
  • विटामिन डी की कमी

विटामिन डी बालों के रोम को मजबूती देने का काम करता है, जिससे बालों का विकास होता है और बालों के झड़ने के कारण को कम किया जा सकता है। जब किसी व्यक्ति को विटामिन डी पूरी तरह से नहीं मिलता है, तो वे अन्य लक्षणों के साथ-साथ बालों के झड़ने को महसूस कर सकते हैं। कुछ शोधों ने विटामिन डी की कमी को एलोपेसिया एरीटा से भी जोड़ा गया है जोकि सर के बाल झड़ने के कारण में प्रमुख है।

तनाव

बाल झड़ने के मुख्य कारण में तनाव को भी शामिल किया जाता है। लंबे समय तक अत्यधिक तनाव के बाद कई लोगों में उनके बाल सामान्य से अधिक पतले दिखने लगते हैं। इसे टेलोजेन एफ्लुवियम कहते हैं। जब तनाव के कारण बाल पतले हो जाते हैं, तो आमतौर पर तनावपूर्ण स्थिति शुरू होने के बाद लोग अपने बालों को सामान्य मात्रा में लौटने पर ध्यान देते हैं।

हेल्थकेयर से जुड़े हुए लोग कई लोगों को तनाव से निकलने में मदद कर सकते हैं। बात करने से और जीवन शैली में बदलाव से इसके इलाज में मदद मिल सकती हैं। कई लोग तनाव और चिंता से निपटने के लिए प्राकृतिक उपचार को भी आजमा सकते हैं और सिर से बाल झड़ने के कारण से बच सकते है।

गर्भावस्था

गर्भावस्था के दौरान या बाद में लोगों को बालों के झड़ने की समस्या से जूझना पड़ सकता है। इसमें आमतौर पर बाल बिना किसी इलाज के वापस उग आते हैं अब आपके सवाल जैसे हेयर फॉल किस कारण होता है का जवाब आपको मिल गया होगा।

इलाज

बाल गिरने का कारण कई बिमारियों का इलाज भी हो सकता है। लोग पतले बालों के इलाज के लिए डॉक्टर के द्वारा बताई गई दवाओं को ही लें जिससे उनके शरीर पर नकारात्मक असर न पड़े। अब आप जान गए होंगे कि बाल किस कारण झड़ते है या बल जड़ने का कारन क्या होता है फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन  (एफडीए) ने एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया के इलाज के लिए आधिकारिक तौर पर दो दवाओं को मंजूरी दे दी है जिनका नाम है: मिनोक्सिडिल और फाइनस्टेराइड।

मिनोक्सिडिल

मिनोक्सिडिल 2% से 5% तक इलाज में इस्तेमाल किया जाता है। इसको लोग सीधे पतले बालों वाली जगहों पर लगाते हैं। यह एंड्रोजेनेटिक एलोपेसिया के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी उपचार है। बालों के विकास को सामान्य होने में 6-12 महीने लगते हैं।

मिनोक्सिडिल लेने के साइड इफेक्ट में शामिल हो सकता हैं:

  • स्किन से जुड़े हुई बीमारी
  • त्वचा पर जलन होना
  • बालों का अधिक बढ़ना

फाइनस्टेराइड

फाइनस्टेराइड खाने वाली दवा है। बालों के झड़ने को महसूस करने वाले लोग व्यक्तियों को रोजाना 1 मिलीग्राम लेना चाहिए हैं।
फायनास्टराइड लेने के दुष्प्रभावों में निम्न बाते शामिल हो सकते हैं:

  • नपुंसकता
  • कामेच्छा में कमी होना
  • गाइनेकोमास्टिया या स्तन के टिश्यू का बढ़ना

डॉक्टर को कब दिखाना है

ज्यादातर मामलों में बालों का पतला होना बीमारी से ही जुड़ा हुआ नहीं होता है। यदि कोई व्यक्ति बालों के झड़ने के बारे में चिंतित है और अगर बालों का झड़ना उनके मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है, तो वे डॉक्टर को दिखा सकते हैं।

आउटलुक

जैसे-जैसे व्यक्ति बूढ़ा होता जाता है, उसके बालों की मजबूती और बालों की मात्रा में कमी होना स्वाभाविक होता है। कई मामलों में, लोग इलाज और घरेलू उपचार के माध्यम से अपने बालों की मजबूती को बढ़ा सकते है।

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